सोमवार, 23 मार्च 2026 Newsopediabharat.com
ताज़ा ख़बर
West Bengal Election 2026: RG कर केस की पीड़िता की मां चुनावी मैदान में उतरेंगी? Bharatiya Janata Party से टिकट की अटकलें तेज    *****    “पाकिस्तान को इस्लाम की बुनियादी बातें भी नहीं पता”—Asaduddin Owaisi का तीखा हमला    *****    Gold Silver Price Today: ₹1.80 लाख सस्ती हुई चांदी, ₹35,000 टूटा सोना—खरीदारी का शानदार मौका!    *****    300 करोड़ के पार पहुंची Dhurandhar 2, बॉक्स ऑफिस पर मचा तूफान—Ranveer Singh की फिल्म ने KGF: Chapter 2 को छोड़ा पीछे    *****    क्या संकेत दे रहा Benjamin Netanyahu का बयान—क्या अब युद्ध से पीछे हटना चाहते हैं Israel और United States?    *****    बंगाल चुनाव से पहले तबादलों पर सियासी खेल, ममता के बचाव में उतरे Omar Abdullah    *****    बंगाल चुनाव से पहले तबादलों पर सियासी घमासान, Mamata Banerjee का “अघोषित राष्ट्रपति शासन” वाला बयान सवालों के घेरे में    *****    प्रेमानंद महाराज और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच आधे घंटे का आध्यात्मिक संवाद    *****    नागपुर में मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले—भारत ही खत्म करा सकता है जंग, स्वार्थ से जन्म लेता है युद्ध    *****    आकाश में गरजेगी वायुसेना, पोखरण में दिखेगी मारक ताकत; राफेल-तेजस से दुश्मन को कड़ा संदेश    *****    AI के गलत इस्तेमाल पर सख्त हुए गौतम गंभीर, ₹2.5 करोड़ का मुकदमा दायर    *****    विराट-रोहित नहीं, इस दिग्गज के बिना अधूरा लगेगा IPL, इरफान पठान का बड़ा बयान    *****    Hindi Business HindiLic Lif Insurance Corporation Of India 5 Best Plan For Retirement अपने रिटायरमेंट को दीजिए LIC का आशीर्वाद, 5 बेस्ट पॉलिसी, जिनमें गारंटीड रिटर्न के साथ मिलेगा 100 साल तक का कवरेज    *****   

AI से बढ़ती नजदीकियां बन रहीं खतरा? ‘AI साइकोसिस’ का बढ़ता खतरा समझिए

Newsopedia Bharat | www.newsopediabharat.com | | Mar 21, 2026 IST

चैटबॉट्स और वर्चुअल रिश्तों में उलझ रहे लोग, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी—मानसिक संतुलन पर पड़ सकता है असर

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेजी से लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. अब लोग सवाल पूछने, सलाह लेने या सिर्फ बातचीत करने के लिए भी AI का इस्तेमाल करने लगे हैं. हालांकि एक्टपर्ट्स का कहना है कि इस बढ़ती आदत के साथ एक नई मनोवैज्ञानिक समस्या भी सामने आ रही है, जिसे 'AI साइकोसिस' कहा जा रहा है. यह कोई सीरियस मेडिकल बीमारी नहीं है, लेकिन साइकोलॉजी में इस शब्द का इस्तेमाल उस स्थिति को समझाने के लिए करते हैं जब लोग AI चैटबॉट्स के साथ बहुत ज्यादा इमोशनली जुड़ जाते हैं.

जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक AI से बातचीत करता है और उस पर भावनात्मक रूप से निर्भर होने लगता है, तो उसकी सोच और रियलिटी के बीच का फर्क कम हो सकता है.

AI साइकोसिस क्या है?

AI साइकोसिस एक ऐसी सिचुएशन को दर्शाता है जिसमें AI चैटबॉट्स के साथ लगातार बातचीत करने से किसी व्यक्ति के मन में गलत या भ्रमित करने वाले विचार मजबूत हो सकते हैं. AI चैटबॉट्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे आमतौर पर लोगों की बातों से सहमत होने की कोशिश करते हैं ताकि बातचीत सहज और लंबी चल सके. लेकिन कभी-कभी यही बात समस्या बन सकती है.

अगर कोई व्यक्ति पहले से ही किसी गलत धारणा या भ्रम में है, तो चैटबॉट के जवाब उसे चुनौती देने के बजाय उस सोच को और मजबूत कर सकते हैं. इससे व्यक्ति को लग सकता है कि उसकी सोच सही है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता.

जैसे-जैसे AI सिस्टम ज्यादा इंसानों की तरह बातचीत करने लगे हैं, कुछ लोग उनसे गहरा भावनात्मक रिश्ता बनाने लगे हैं. कई मामलों में लोग चैटबॉट को अपना दोस्त, साथी या यहां तक कि रोमांटिक पार्टनर की तरह देखने लगते हैं.

जब ऐसा होता है तो डिजिटल बातचीत और रियल दुनिया के रिश्तों के बीच की सीमा धुंधली हो सकती है. इससे व्यक्ति असली लोगों से कम बातचीत करने लगता है और AI पर ज्यादा निर्भर हो सकता है. खासकर वे लोग जो अकेलापन महसूस करते हैं, स्ट्रेस में रहते हैं या मानसिक रूप से परेशान होते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि टेक्नोलॉजी का उपयोग लोगों की मदद करने के लिए किया जाए, न कि उन्हें असल दुनिया से और दूर ले जाने के लिए.

ट्रेंडिंग न्यूज़