सोमवार, 23 मार्च 2026
Semaglutide का पेटेंट खत्म होने के बाद कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद, आम लोगों को मिलेगा राहत
वजन कम करने और टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा Semaglutide अब सस्ती होने जा रही है। मार्च 2026 में इसका पेटेंट खत्म होने के बाद कई भारतीय फार्मा कंपनियां इसके जेनेरिक वर्जन बाजार में उतारेंगी, जिससे लाखों मरीजों को फायदा मिल सकता है।
सेमाग्लूटाइड एक ऐसी दवा है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ-साथ वजन कम करने में भी मदद करती है। अब तक इसकी कीमत काफी ज्यादा थी, जिससे हर किसी के लिए इसे खरीद पाना आसान नहीं था।
अब तक इस दवा पर हर महीने करीब 8,000 से 16,000 रुपये तक खर्च आता था, लेकिन पेटेंट खत्म होने के बाद इसकी कीमत घटकर लगभग 3,000 से 5,000 रुपये तक आ सकती है। इससे मोटापा और डायबिटीज के मरीजों के लिए इलाज काफी आसान हो जाएगा।
20 मार्च 2026 के बाद भारत में इस दवा का पेटेंट खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि अन्य कंपनियां भी इसका उत्पादन कर सकेंगी, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आएगी।
इस दवा का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है। शुरुआत में कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं, जैसे:
मतली
उल्टी
दस्त या कब्ज
पेट दर्द
कुछ लोगों में यह दवा गंभीर दुष्प्रभाव भी पैदा कर सकती है, जैसे:
पैंक्रियाटाइटिस (अग्न्याशय में सूजन)
गॉलब्लैडर से जुड़ी समस्याएं (पथरी)
किडनी पर असर
लो ब्लड शुगर
नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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