शुक्रवार, 05 जून 2026
Paper Leak In India 2026: देश की कई बड़ी परीक्षाओं पर उठे सवाल, छात्रों का भविष्य फिर संकट में
New Delhi: भारत के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET के पेपर लीक विवाद से शुरू हुआ मामला अब CBSE की डिजिटल कॉपी जांच प्रणाली और SSC भर्ती परीक्षा तक पहुंच चुका है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद छात्र सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछ रहे हैं कि आखिर उनका भविष्य कब तक लापरवाही और अव्यवस्था की भेंट चढ़ता रहेगा।
NEET पेपर लीक ने बढ़ाई चिंता
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा खत्म होते ही सोशल मीडिया पर कुछ कथित सैंपल पेपर वायरल होने लगे। इन सवालों का असली प्रश्नपत्र से मेल मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया और जांच राजस्थान पुलिस की SOG तक पहुंची। बाद में पेपर लीक की आशंका मजबूत होने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। अब दोबारा परीक्षा की घोषणा ने छात्रों का तनाव और बढ़ा दिया है। इस पूरे मामले के बाद शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है और 21 जून को दोबारा परीक्षा प्रस्तावित है।
CBSE की डिजीटल कॅापी जाँच पर भी विवाद
NEET विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि CBSE के 12वीं बोर्ड रिजल्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया। कई छात्रों ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं। इसके बाद बोर्ड के नए ऑन-स्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम पर सवाल उठने लगे।
दरअसल, CBSE ने इस बार प्रयोग के तौर पर डिजिटल माध्यम से कॉपियों की जांच करवाई थी। शुरुआत में बोर्ड ने इस व्यवस्था का बचाव किया, लेकिन जब छात्रों को स्कैन कॉपियां उपलब्ध कराई गईं तो कई तकनीकी खामियां सामने आईं। किसी छात्र को धुंधली कॉपी मिली, तो कुछ को किसी दूसरे छात्र की उत्तरपुस्तिका भेज दी गई। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि उनकी कॉपियों के कुछ पन्ने गायब थे।
मामला बढ़ने के बाद बोर्ड ने तकनीकी त्रुटियों को स्वीकार किया है और अब छात्रों को सही कॉपियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कॉपी जांचने वाले कई शिक्षकों ने भी CBSE के नए डिजिटल सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं।
SSC GD परीक्षा रद्द होने से अभ्यार्थियों में नाराज़गी
NEET और CBSE विवाद के बीच अब SSC GD कांस्टेबल परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई परीक्षा केंद्रों से सामने आए वीडियो ने अभ्यर्थियों के भरोसे को फिर से झटका दिया है। आरोप है कि कई केंद्रों पर क्षमता से दोगुने एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए, जिसके कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार परीक्षा ही नहीं दे सके।
सुबह तड़के घर से निकलकर परीक्षा केंद्र पहुंचे अभ्यर्थियों को जब एंट्री नहीं मिली, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। प्रयागराज, कानपुर समेत कई शहरों में प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हुए हैं।
इस पूरे मामले पर SSC चेयरमैन ने परीक्षा प्रबंधन में गड़बड़ी स्वीकार की है। उन्होंने निजी एजेंसी की लापरवाही और सिस्टम में हैकिंग की कोशिश होने की बात मानी, हालांकि पेपर लीक से इनकार किया गया है। परीक्षा केंद्रों से लौटाए गए उम्मीदवार अब सोशल मीडिया पर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
AKTU में पेपर लीक के बाद परिक्षा रद्द
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) भी विवादों से बच नहीं सकी। B.Tech कंप्यूटर साइंस छठे सेमेस्टर के “कंप्यूटर नेटवर्क” विषय का पेपर लीक होने की खबर के बाद विश्वविद्यालय को परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
नोएडा और गाजियाबाद के कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने दावा किया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए सवाल हूबहू पेपर में पूछे गए। मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। इस घटना ने तकनीकी शिक्षा संस्थानों की परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूपी लेखपाल भर्ती परिक्षा पर भी विवाद
उत्तर प्रदेश में लेखपाल भर्ती परीक्षा के बाद भी सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। कुछ वीडियो में दावा किया गया कि कई अभ्यर्थी परीक्षा खत्म होने के घंटों बाद तक केंद्रों के अंदर मौजूद थे, जबकि कुछ पोस्ट में नकल और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
हालांकि, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने इन दावों को पूरी तरह अफवाह बताया है। आयोग ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई गई और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को भी ऐसे मामलों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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