सोमवार, 23 मार्च 2026
म्यूल अकाउंट के जरिए चल रहे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, ICICI Bank के मैनेजर सहित कई आरोपी दबोचे गए, 26 संदिग्ध खातों की जांच जारी
कटिहार में साइबर थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये के बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। म्यूल अकाउंट के जरिए किए जा रहे अवैध लेनदेन का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया और बैंक मैनेजर व चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई बिहार पुलिस के इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत की गई। साइबर डीएसपी रामकृष्ण कुमार ने बताया कि इस अभियान के दौरान संदिग्ध बैंक खातों के जरिए हो रहे बड़े ट्रांजैक्शन की जांच में यह नेटवर्क सामने आया।
पहले मामले में CA निशांत अग्रवाल और रवि शंकर रवि को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि दोनों ने अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए, जिनके जरिए करीब 50.69 लाख रुपये का अवैध लेनदेन हुआ। बचने के लिए आरोपियों ने चेकबुक, मोबाइल और कंपनी की मुहर खोने की झूठी शिकायत भी दर्ज कराई थी।
दूसरे मामले में पुलिस ने खाता धारक कैलाश प्रसाद साह, रिंकू कुमार, राजेश कुमार मिश्रा और ICICI Bank के ब्रांच मैनेजर कौशल झा को गिरफ्तार किया। इन सभी पर मिलकर करीब 1.71 करोड़ रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक 26 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गहन जांच जारी है। जांच एजेंसियां एक-एक खाते की पड़ताल कर रही हैं और आगे और बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
साइबर डीएसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में पहले से मामले दर्ज हैं। कुछ लोग कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को दे देते हैं और बाद में सबूत छुपाने के लिए दस्तावेज खोने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराते हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें, ताकि इस तरह के साइबर अपराधों से बचा जा सके।
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