शनिवार, 06 जून 2026
जून से बदल रहे हैं टैक्स, बैंकिंग और UPI के नियम
नई दिल्ली: जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की आर्थिक जिंदगी से जुड़े कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर टैक्स भुगतान, यूपीआई ट्रांजैक्शन, क्रेडिट कार्ड खर्च, शेयर बाजार में निवेश और सोलर प्रोजेक्ट्स तक देखने को मिलेगा। ऐसे में नौकरीपेशा, कारोबारी, निवेशक और डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों के लिए इन नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।
करदाताओं के लिए 15 जून एक महत्वपूर्ण तारीख है। जिन लोगों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त इसी दिन तक जमा करनी होगी। नियम के अनुसार कुल कर देनदारी का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा जमा करना अनिवार्य है। तय समय सीमा चूकने पर हर महीने 1 फीसदी की दर से ब्याज देना पड़ सकता है।
ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सरकार ने कुछ राहत दी है। हॉस्टल भत्ते पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। वहीं बच्चों की शिक्षा भत्ता छूट 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह कर दी गई है। इसके अलावा बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों को अब 50 फीसदी HRA छूट वाली श्रेणी में शामिल किया गया है।
डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने के लिए NPCI ने नया फीचर लागू किया है। अब किसी QR कोड को स्कैन करने या मोबाइल नंबर के जरिए भुगतान करने पर लाभार्थी का बैंक में दर्ज सत्यापित नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। इससे फर्जी पहचान के जरिए होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही EPFO यूपीआई के जरिए PF निकासी की सुविधा का परीक्षण कर रहा है, जिससे कर्मचारियों को भविष्य में तेजी से भुगतान मिल सकेगा।
जून महीने में कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव किए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने यूटिलिटी बिल, किराया और ईंधन भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड प्वाइंट्स की सीमा तय कर दी है। साथ ही किराया और शिक्षा भुगतान पर 1 फीसदी शुल्क लगाया गया है।
वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा 23 जून से अपने को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर 3.49 फीसदी से बढ़ाकर 3.75 फीसदी प्रति माह कर रहा है। दूसरी ओर ICICI बैंक 18 जून से Amazon Pay क्रेडिट कार्ड के जरिए किराया भुगतान पर मिलने वाला 1 फीसदी रिवॉर्ड बेनिफिट बंद करने जा रहा है।
HDFC बैंक के ग्राहकों को भी नया नियम प्रभावित करेगा। 25 जून से 100 रुपये से अधिक के UPI भुगतान और 500 रुपये से ज्यादा की UPI प्राप्ति पर ही SMS अलर्ट मिलेगा। हालांकि सभी लेनदेन की जानकारी ईमेल के जरिए पहले की तरह मिलती रहेगी।
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए SEBI का नया 50:50 मार्जिन नियम पूरी तरह लागू हो गया है। अब ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50 फीसदी हिस्सा नकद या नकद समकक्ष साधनों में रखना होगा। केवल शेयर गिरवी रखकर पूरा मार्जिन हासिल नहीं किया जा सकेगा। इससे बाजार में जोखिम नियंत्रण बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकारी सब्सिडी या नेट मीटरिंग वाले सोलर प्रोजेक्ट्स में अब केवल ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) में शामिल मॉड्यूल का उपयोग अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के कारण शुरुआती दौर में घरों और संस्थानों के लिए सोलर सिस्टम लगवाने की लागत कुछ बढ़ सकती है।
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